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औद्योगिक असमानता दूर करने एससी-एसटी उद्यमियों को नए उद्योग स्थापना में प्राथमिकता: श्री अमर अग्रवाल

          रायपुर : औद्योगिक असमानता दूर करने एससी-एसटी उद्यमियों को नए उद्योग स्थापना में प्राथमिकता: श्री अमर अग्रवाल नेशनल एससी-एसटी हब योजना के तहत उद्यमियों का सम्मेलन उद्योग मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने आज यहां नेशनल एससी-एसटी हब योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लघु उद्यमियों के राज्य स्तरीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। सम्मेलन का आयोजन केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय द्वारा राज्य सरकार के उद्योग विभाग के सहयोग से किया गया। राज्य के विभिन्न जिलों से आए लगभग 500 एसटी-एससी वर्ग के उद्यमी, बैंकर्स और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधि शामिल हुए। समारोह की अध्यक्षता सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री छगनलाल ने की। करने के लिए राज्य सरकार और केन्द्र सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलायी जा रही है। वास्तव में देश का समन्वित विकास तभी होगा जब समाज के सभी तबके के लोगों की आर्थिक विकास में समान भागीदारी होगी। मुख्य अतिथि की आसंदी से श्री अमर अग्रवाल ने कहा कि आजादी के बाद देश ने काफी तरक्की की है । लगभग सभी सेक्टरों में देश की प्रगति हुई है। लेकिन प्रगति में समाज के सभी तबके के लोगों की भागीदारी बराबर नहीं है। एससी और एसटी समूह के लोगों की भागीदारी तो और कम है। विशेषकर औद्योगिक विकास के क्षेत्र में। केन्द्र और राज्य सरकार समाज के ऐसे लोगों को भी उद्योग खोलने और इसे बढ़ाने की इच्छा रखती है। उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग मंत्रालय में एससी-एसटी उद्यमियों को फोकस में लेते हुए अलग से प्रकोष्ठ का गठन किया है। पंजीयन से लेकर विपणन तक समवेत नीति तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जी की अंत्योदय विचार को मूलमंत्र माना गया है। और आर्थिक असमानता को दूर करने के लिए उद्योग स्थापना से लेकर फाईनेंसिग और मार्केटिंग में भी कई तरह की रियायत और सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा भी औद्योगिक एरिया में एसटी-एससी वर्ग के नए उद्यमियों को निःशुल्क भूमि आवंटन के साथ ही कम ब्याज दर पर ऋण प्रदान करती है। औद्योगिक विकास के लिहाज से विकासशील और पिछड़े जिलों में उद्योग स्थापना के लिए अलग से आरक्षण भी प्रदान किया जाता है। श्री अग्रवाल ने कहा कि सरकार एससी-एसटी उद्यमियों के लिए अलग से पैकेज लेकर आई है। इनका लाभ उठाएं और औद्योगिक विकास की मुख्यधारा में शामिल होकर देश के विकास में अपनी हिस्सेदारी निभाएं। केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय (एमएसएमई) के डायरेक्टर श्री पी.जी.एस. राव ने नेशनल एससी-एसटी हब योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी वर्ग के उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा यह योजना संचालित की जा रही है। श्री राव ने केन्द्र सरकार के वर्ष 2012 में जारी निदेश का हवाला देते हुए बताया कि कोई भी पीएसयू अपनी जरूरत के 20 प्रतिशत सामानों की खरीदी एमएसएमई उद्यमियों से खरीदेगा। इनमें भी 4 प्रतिशत की खरीदी एससी-एसटी हितग्राहियों से खरीदी की जानी चाहिए। इस आदेश का पालन ठीक तरीके से नहीं हो रहा था। इसलिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मंत्रालय में अलग से प्रकोष्ठ बनाकर एससीएसटी हब के नाम से योजना लांच की है। अब इस आदेश का पालन अनिवार्य कर दिया गया है। एससी-एसटी उद्यमियों के कौशल विकास सहित मार्केटिंग, लोन आदि तमाम प्रकार की सहायता करना इस येाजना का उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि पूरे देश में इस तरह एससी-एसटी वर्ग के 42 सम्मेलन आयोजित किए जाने हैं। यह 18 वॉं सम्मेलन आज रायपुर में संपन्न हुआ है। इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव श्री कमलप्रीत सिंह, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री सुनील मिश्रा, एनएसआईसी नई दिल्ली के डायरेक्टर श्री पी.उदयकुमार, उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव श्री यशवंत कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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